
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व वृद्धि को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभिन्न विभागों से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की जानकारी लेते हुए आय बढ़ाने के नए स्रोतों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।
एसजीएसटी में राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं
मुख्य सचिव ने कहा कि एसजीएसटी में राजस्व बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एआई आधारित जांच व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले चार से पांच महीनों में एआई आधारित मैकेनिज्म तैयार करने को कहा। साथ ही कर से जुड़े सभी विभागों के डाटा का इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने परिवहन विभाग के एएनपीआर कैमरों का प्रभावी उपयोग करने और उन्हें खनन, वन तथा राज्य कर विभाग के सिस्टम से इंटीग्रेट करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रक्रियाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण करने को कहा।
नए खनन लॉट चिन्हित करने के निर्देश
खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने वन एवं गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य में जिला प्रशासन का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि वन निगम जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट पर कार्य नहीं कर पा रहा है, वहां वन विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
जड़ी-बूटी, कार्बन क्रेडिट और इको-टूरिज्म पर जोर
मुख्य सचिव ने प्रदेश में जड़ी-बूटी क्षेत्र की संभावनाओं का अध्ययन कर इससे होने वाली संभावित आय का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास को भी राजस्व के नए स्रोतों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने जनसामान्य को प्रकाष्ठ की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए आईटीडीए से तकनीकी सहयोग लेने को कहा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल, मनमोहन मैनाली सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



