
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और उन्हें आपत्ति संबंधी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
धस्माना ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया मतदाताओं को उनके संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित करने की साजिश है। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया।
मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस बनाएगी आंदोलन की रणनीति
द्रोणपुरी, पश्चिम पटेलनगर और श्रीदेवसुमन नगर वार्ड में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठकों को संबोधित करते हुए धस्माना ने कहा कि पार्टी ने इस मुद्दे पर संघर्ष की रणनीति तैयार कर ली है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया नहीं जाना चाहिए और न ही किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
गरीब और वंचित वर्गों के नाम हटाने का लगाया आरोप
धस्माना ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय और गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब नोटिस जारी कर नाम हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चुनाव आयोग की कथित मनमानी को स्वीकार नहीं किया जाएगा और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
बैठक में कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठकों में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पार्षद संगीता गुप्ता, प्रमोद कुमार गुप्ता, जसविंदर सिंह मोथी, अल्ताफ हुसैन, गुरदीप सिंह रावत, सोनू काजी, महेंद्र गुप्ता सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



