
देहरादून। कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के घंघोड़ा चांदमारी स्थित कारगिल शहीद राजेश गुरुंग के आवास पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इस दौरान उन्होंने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक है कारगिल विजय दिवस
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और देशभक्ति के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
वीर सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और शहीदों के सम्मान के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों की सम्मान राशि में वृद्धि की गई है। इसके अलावा शहीद सैनिकों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी सेवा में नियुक्त किया जा चुका है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि ₹1.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ किए जाने को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता का प्रमाण बताया।
ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने भी दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर शहीद राजेश गुरुंग की माता बसंती गुरुंग, दायित्वधारी ज्योति कोटिया, पूर्व सैनिक दिनेश प्रधान, किरण, सपना मल्ल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों ने उपस्थित होकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।



