भारत में उर्वरकों का भंडार बढ़ेगा, यूरिया, DAP और सल्फर ला रहे 15 जहाज ने होर्मुज पार किया

नई दिल्ली। हालिया पश्चिम एशिया जंग के बावजूद भारत की उर्वरक सप्लाई चेन काफी हद तक अप्रभावित रही है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश के लिए उर्वरक और कच्चा माल लेकर आ रहे 20 में से 15 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
इनमें से आठ जहाज 3.32 लाख टन यूरिया, चार जहाज 2.57 लाख टन डीएपी और तीन जहाज 1.11 लाख टन सल्फर ले आ रहे हैं। पांच जहाज और पाइप लाइन में हैं और इनमें से प्रत्येक 0.25 लाख टन अमोनिया और 0.45 लाख टन यूरिया लेकर आएगा।
सभी शिपमेंट समय पर पहुंचने की उम्मीद
मंत्रालय ने बताया कि सभी शिपमेंट समय पर पहुंचने की उम्मीद है। उसने कहा कि हालांकि पश्चिम एशिया में चली जंग ने समुद्री यातायात को बाधित किया लेकिन केंद्र ने समय पर योजना, प्रभावी समन्वय और निरंतर निगरानी के माध्यम से उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की। ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जार्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड से यूरिया की आपूर्ति की गई है।
रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित किया है, जिससे उर्वरक की कीमतें बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा की है। घरेलू यूरिया उत्पादन पहली तिमाही में 71.55 लाख टन रहा, जो लक्ष्य से अधिक है। दो जुलाई तक, यूरिया के भंडार 69.08 लाख टन थे, जिससे कुल उपलब्धता 163.35 लाख टन हो गई है।


