उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान तेज, 99 फीसदी गणना फॉर्म वितरण पूरा

देहरादून में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की। बैठक के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति, गणना फॉर्म के डिजिटलीकरण और क्षेत्रीय सत्यापन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।

गणना फॉर्म वितरण का कार्य अंतिम चरण में

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्यभर में गणना फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। अब तक 99 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि करीब 20 प्रतिशत फॉर्म का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप डिजिटलीकरण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

हजारों मतदाता एएसडी श्रेणी में चिन्हित

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए जा रहे क्षेत्रीय सत्यापन में अब तक 76,754 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत (एएसडी) श्रेणी में चिह्नित किया गया है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है ताकि केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

डॉ. पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे अपने बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) के माध्यम से चिन्हित मतदाताओं का सत्यापन कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि 7 जुलाई से पहले यह प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से बाहर न हो।

मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी समय-सारिणी जारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 14 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक नागरिकों से दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक चलेगी। सभी दावों और आपत्तियों के समाधान के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

अभियान की सफलता में राजनीतिक दलों की अहम भूमिका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य के 11,733 मतदान केंद्रों के मुकाबले विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 22,900 से अधिक बूथ स्तरीय अभिकर्ता नियुक्त किए जा चुके हैं, जो पुनरीक्षण प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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