
रुद्रपुर में जनपद स्तर पर मातृ मृत्यु दर को कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
एएनएम की साप्ताहिक ड्यूटी व्यवस्था को बनाया जाएगा अनिवार्य
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत एएनएम की साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक देखभाल मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। जहां भी किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आई, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने के लिए कहा गया।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की होगी दैनिक निगरानी
बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनकी नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) से जुड़े सभी मामलों की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। इससे संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
गृह प्रसव को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बैठक में गृह प्रसव के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि किसी क्षेत्र में बिना चिकित्सकीय निगरानी के गृह प्रसव कराया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रशासन का लक्ष्य शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए मांगे गए प्रस्ताव
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों और संबंधित प्रभारियों से अपील की कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता और आवश्यक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव शीघ्र कार्यालय को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
मातृ मृत्यु दर कम करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक को संबोधित करते हुए दिवेश शाशनी ने कहा कि जनपद में मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर तक लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, एसीएमओ डी.पी. सिंह, एस.पी. सिंह, डीपीओ मुकुल चौधरी, डॉ. मधु माथुर, डॉ. पी.डी. गुप्ता, डॉ. कुलदीप यादव, डॉ. राहुल गौड़, डॉ. नेहा सिद्दीकी, डीपीएम हिमांशु मस्यूनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, एएनएम और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



