
देहरादून में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा क्लेमेनटाउन छावनी परिषद में तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिषद के सफाई निरीक्षकों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं को भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की सलाह
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि तंबाकू उत्पादों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने तंबाकू कंपनियों द्वारा आकर्षक विज्ञापनों और प्रचार अभियानों के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला।
इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना” रही। विशेषज्ञों ने कहा कि तंबाकू उद्योग विभिन्न माध्यमों से युवाओं और किशोरों को लक्ष्य बनाकर उन्हें नशे की ओर आकर्षित करने का प्रयास करता है, जिससे सतर्क रहना आवश्यक है।
तंबाकू से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा
कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और इसके सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तंबाकू की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसलिए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की आवश्यकता है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की टीम द्वारा आयोजित नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से तंबाकू सेवन के नुकसान और उससे बचाव के उपायों को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।
नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू नियंत्रण और कोटपा अधिनियम-2003 के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वालों में पुलिस विभाग से कृपाल सिंह और मोहन सिंह, शिक्षा विभाग से ललित किशोर शर्मा एवं दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य, छावनी परिषद के सफाई निरीक्षक सोनू लाला और अमित कुमार तथा सामाजिक कार्यकर्ता ताजबर सिंह भंडारी शामिल रहे।
क्लेमेनटाउन छावनी परिषद घोषित हुई तंबाकू मुक्त परिषद
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि कोटपा अधिनियम-2003 के तहत निर्धारित सभी मानकों को पूरा करने पर क्लेमेनटाउन छावनी परिषद को आधिकारिक रूप से “तंबाकू मुक्त परिषद” घोषित किया गया।
इस उपलब्धि को सार्वजनिक स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो अन्य संस्थानों और निकायों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
विभिन्न विभागों के अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. निधि रावत, डॉ. अनुराधा, अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल, अनुराग उनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।



