उत्तराखंडराज्य

उधमसिंह नगर में ड्रोन तकनीक से मजबूत होगी आपदा प्रबंधन व्यवस्था, दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

रुद्रपुर में जिला प्रशासन की पहल पर आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों, ट्रैफिक नियंत्रण, मेलों एवं आयोजनों की निगरानी, वीआईपी ड्यूटी और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ड्रोन तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

ऑनलाइन माध्यम से अधिकारियों को दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण

07 और 08 मई को आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, उधमसिंह नगर द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस विभाग और जनपद की सभी तहसीलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए अधिकारियों को ड्रोन संचालन, उसकी उपयोगिता, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन कार्यों में आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार ड्रोन तकनीक कठिन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और अधिक सुरक्षित बना सकती है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी में मिलेगी मदद

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग, राहत कार्यों में त्वरित सहायता, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों की निगरानी, बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने में ड्रोन कैमरों की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और राहत कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

समापन दिवस पर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम के दूसरे दिन 08 मई को अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्रोन संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने ड्रोन उड़ाने, कैमरा संचालन और निगरानी प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझा।

प्रशिक्षण के समापन पर पुलिस विभाग को दो ड्रोन कैमरे तथा जनपद की सभी तहसीलों को एक-एक ड्रोन कैमरा उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार कुल 10 ड्रोन कैमरे विभिन्न विभागों को सौंपे गए, ताकि प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन कार्यों में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी प्रशासनिक व्यवस्था

जिला प्रशासन का उद्देश्य ड्रोन तकनीक के माध्यम से आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सशक्त और आधुनिक बनाना है। इससे राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के साथ-साथ बड़े आयोजनों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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