उत्तराखंडराज्य

चम्पावत में वन्यजीव तस्करों पर बड़ी चोट: गुलदार की खाल के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार

उत्तराखंड के सीमांत जनपद चम्पावत में वन्यजीवों के संरक्षण और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। रीठा साहिब क्षेत्र में एसओजी (SOG), स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक युवक को प्रतिबंधित गुलदार (तेंदुए) की खाल के साथ रंगे हाथों दबोच लिया है।

सघन चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा तस्कर

प्राप्त विवरण के अनुसार, 18 अप्रैल को भिंगराडा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत चैड़ामेहता लीसा डिपो के समीप सुरक्षा बलों द्वारा आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान टीम की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसकी पहचान दीपक सिंह बोहरा (28 वर्ष), निवासी ग्राम गागरी (पाटी तहसील) के रूप में हुई। जब टीम ने संदेह के आधार पर उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 120 सेमी लंबी गुलदार की खाल बरामद हुई, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

मुनाफे के लालच में वन्यजीवों का शिकार

प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह इस बेशकीमती खाल को भारी मुनाफे में बेचने के इरादे से लोहाघाट ले जा रहा था। वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बरामद खाल को साक्ष्य के तौर पर सील कर सुरक्षित कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से वन्यजीव तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

कड़ी कानूनी कार्रवाई और विभाग की चेतावनी

अभियुक्त दीपक सिंह के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस और वन विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि इस अपराध में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अवैध शिकार और तस्करी को रोकने के लिए जनपद के संवेदनशील वन क्षेत्रों में गश्त और निगरानी को और अधिक पैना कर दिया गया है।

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