
देहरादून। उत्तराखंड में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और ऊधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में बढ़ती अवैध असलहा तस्करी पर प्रभावी प्रहार के रूप में देखी जा रही है।
पुलभट्टा क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को ऊधम सिंह नगर जिले के पुलभट्टा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से सक्रिय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था।
भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद
गिरफ्तार तस्कर के कब्जे से पुलिस ने छह तमंचे (.315 बोर), एक 12 बोर राइफल और .32 बोर के दो खोखे कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक वैगनआर कार भी जब्त की गई है, जिसका उपयोग हथियारों की सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच अवैध हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय था। पुलिस को आशंका है कि वह एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो बड़े स्तर पर अवैध असलहों की तस्करी करता है।
एसटीएफ की रणनीतिक कार्रवाई
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। विशेष टीम का गठन कर थाना पुलभट्टा पुलिस के सहयोग से आरोपी को उस समय दबोचा गया, जब वह वैगनआर कार में हथियारों की खेप लेकर जा रहा था।
बरामद हथियारों के बारे में यह आशंका जताई जा रही है कि इन्हें उत्तर प्रदेश की अवैध फैक्ट्रियों में तैयार किया गया था और सप्लाई के लिए उत्तराखंड लाया जा रहा था।
अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान
गौरतलब है कि उत्तराखंड एसटीएफ इस वर्ष अब तक 21 अवैध हथियार और 35 कारतूस बरामद कर आठ तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह दर्शाता है कि पुलिस अवैध हथियारों के नेटवर्क पर लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
हालिया घटना के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में देहरादून में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से हुई मौत ने कानून-व्यवस्था और अवैध हथियारों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इस घटना के बाद से पुलिस और खुफिया एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं।
पूछताछ में जुटी एसटीएफ
फिलहाल एसटीएफ आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे अंतर्राज्यीय गिरोह के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
कार्रवाई में शामिल रही टीम
इस अभियान में एसटीएफ और थाना पुलभट्टा की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में निरीक्षक एमपी सिंह, निरीक्षक दीवान सिंह जलाल, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट, रियाज अख्तर, मोहित वर्मा, गुरवंत सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। थाना पुलभट्टा से एसओ प्रदीप मिश्रा, उपनिरीक्षक दिनेश भट्ट, अपर उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र और कांस्टेबल गजेंद्र सिंह भी इस कार्रवाई का हिस्सा रहे।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल तस्करी नेटवर्क पर लगाम लगेगी, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



