
रुद्रपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान 09 मार्च से 13 मार्च तक राज्य के विभिन्न जनपदों में चलाया गया, जिसके तहत महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के प्रयास किए गए।
जिला सभागार में आयोजित हुई जनसुनवाई
इस अभियान के अंतिम दिन शुक्रवार को उधम सिंह नगर के जिला सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल ने की, जबकि आयोग की सदस्य श्रीमती कंचन कश्यप भी इस दौरान उपस्थित रहीं।

महिलाओं ने रखीं अपनी समस्याएं
जनसुनवाई के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और विभिन्न सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को आयोग के सामने रखा। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग की अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिलाओं को अधिकारों के प्रति किया जागरूक
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी महिलाओं को दी गई, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को बेहतर बना सकें।

दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचना लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल ने कहा कि आयोग का उद्देश्य उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं तक पहुंचकर उन्हें न्याय दिलाना, उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री महिलाओं की समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिससे महिलाएं जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ उठा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जनसुनवाई के दौरान अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला आयोग के निर्देशों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग से विशेष रूप से कहा कि यदि कोई महिला अपनी शिकायत लेकर आती है तो उसे निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए। पुलिस को धैर्यपूर्वक उसकी समस्या सुनते हुए संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।
कई मामलों का मौके पर ही हुआ निस्तारण
कार्यक्रम के दौरान कुल 12 महिलाओं ने अपनी शिकायतें आयोग के सामने प्रस्तुत कीं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि गंभीर मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए आयोग के मुख्यालय देहरादून भेज दिया गया।
काउंसलिंग और कानूनी सहायता के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान पति-पत्नी विवाद, संपत्ति विवाद और घरेलू हिंसा जैसे कई संवेदनशील मामले सामने आए। इन मामलों में आयोग की अध्यक्ष ने संबंधित महिलाओं की वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग कराने और पुलिस क्षेत्राधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य कंचन कश्यप, रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मुकुल चौधरी, प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, सीओ प्रशांत कुमार, डीआर वर्मा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह, पर्यटन एवं श्रम विभाग के अधिकारी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।



