
टिहरी गढ़वाल में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद की विभिन्न विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में सड़क, पेयजल, पर्यटन, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
आपदा प्रभावित सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पेयजल और सीवर व्यवस्था को लेकर दिए विशेष निर्देश
पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पेयजल, सीवर और जल निकासी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को स्थायी और दीर्घकालिक समाधान विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन सहित अन्य पेयजल योजनाओं की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया।
सड़क नेटवर्क और पुल परियोजनाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद की प्रशासनिक और विकास गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण करते हुए विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ सड़क मार्ग के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों के साथ ही रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण कार्यों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के तहत स्वीकृत सड़कों तथा आपदा प्रभावित मार्गों की मरम्मत कार्यों की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं पर हुआ विचार-विमर्श
सिंचाई विभाग ने नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं मुनि की रेती क्षेत्र में वर्षा जल निकासी प्रणाली के निर्माण कार्य और चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
नई टिहरी में पॉलिटेक्निक निर्माण को जल्द शुरू करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने नई टिहरी में प्रस्तावित राजकीय पॉलिटेक्निक के निर्माण कार्य को जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मालरोड सौंदर्यीकरण परियोजना और विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि नरेंद्रनगर सीवर लाइन परियोजना में अब तक 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है।
पर्यटन विकास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई चर्चा
बैठक में पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल आपूर्ति की आवश्यकता, रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण और होटलों के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने पर्यटन क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।
स्वरोजगार और आजीविका कार्यक्रमों की समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के विभिन्न विकासखंडों में संचालित कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने फूड कार्ट, डेयरी, मशरूम उत्पादन, मत्स्य पालन, ड्रैगन फ्रूट खेती, बकरी पालन और हर्बल उत्पादों से जुड़े रोजगार सृजन प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
ग्रामोत्थान और पुस्तकालय अभियान की उपलब्धियां साझा
वन विभाग ने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल संग्रहण अभियान की प्रगति से अवगत कराया। साथ ही “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम के तहत प्राप्त उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी जानकारी दी गई।
टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा
बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी और जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित छह पर्यटन क्लस्टरों की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा विकास कार्यों की प्रगति और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।



