
सितारगंज। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग द्वारा भारतीय संविधान के शिल्पकार, डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि उनके वैचारिक मूल्यों को भी आत्मसात किया।
ज्ञान और रचनात्मकता का संगम: आयोजित प्रतियोगिताएँ
महाविद्यालय परिसर में सोमवार को आयोजित इस उत्सव में शिक्षा शास्त्र सहित विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के केंद्र में दो मुख्य स्पर्धाएँ रहीं:
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डॉ. बी.आर. आंबेडकर क्विज प्रतियोगिता: इसमें विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता और बाबा साहेब के जीवन दर्शन से संबंधित ज्ञान का परीक्षण किया गया।
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स्लोगन (नारा) लेखन प्रतियोगिता: छात्रों ने अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक न्याय और शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
“समानता दिवस” के रूप में प्रेरणा का आह्वान
विभाग प्रभारी डॉ. दीक्षा खंपा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर की जयंती वास्तव में ‘समानता दिवस’ है। उन्होंने जोर दिया कि बाबा साहेब का जीवन अटूट संघर्ष की कहानी है। डॉ. खंपा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा की शक्ति को पहचानें और सामाजिक समरसता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
प्रतिभाओं का सम्मान: विजेताओं की घोषणा
प्रतियोगिताओं के अंत में परिणाम घोषित किए गए, जिनमें मेधावी छात्रों ने बाजी मारी:
| प्रतियोगिता | प्रथम स्थान | द्वितीय स्थान | तृतीय स्थान |
| क्विज (प्रश्नोत्तरी) | उमा धामी | प्रियंका धामी | रिया |
| स्लोगन लेखन | कमल | वैशाली राणा | हुमा |
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. रेनू रानी बंसल ने सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गरिमामयी उपस्थिति
इस शैक्षिक एवं सांस्कृतिक समागम के अवसर पर प्रोफेसर डॉ. दीपा मखोलिया, गरिमा जोशी, सोनी, डॉ. अभिमन्यु, डॉ. ललित मोहन जोशी, डॉ. जगदीश प्रसाद, कमला उपाध्याय और डॉ. सविता रानी सहित महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



