
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता की पहल
माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव महोदया के मार्गदर्शन में 18 नवंबर 2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उधम सिंह नगर द्वारा अटल उत्कृष्ट बालिका इंटर कॉलेज, पंतनगर में “विश्व बाल यौन शोषण, दुर्व्यवहार एवं हिंसा रोकथाम एवं उपचार दिवस” के अवसर पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री योगेंद्र कुमार सागर द्वारा किया गया।
बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता पर विस्तृत जानकारी
शिविर में छात्राओं को बाल यौन शोषण, उसके प्रकार, उसके प्रभाव और उससे बचाव के तरीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बताया गया कि विश्वभर में बच्चों के साथ यौन शोषण एक गंभीर सामाजिक एवं मानसिक स्वास्थ्य समस्या है। इसी गंभीर मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास की दिशा में प्रयास बढ़ाने हेतु यह दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज, परिवार, विद्यालय और प्रत्येक संस्था को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना तथा किसी भी प्रकार के शोषण के प्रति संवेदनशील और सजग रहना है।
अनुचित व्यवहार की पहचान और रोकथाम
छात्राओं को बताया गया कि यौन शोषण और दुर्व्यवहार क्या होता है, और इसे पहचानना क्यों आवश्यक है। अनुचित स्पर्श, अश्लील तस्वीरों या वीडियो का दिखाया जाना, बच्चों को धमकाकर चुप कराना, इच्छा के विरुद्ध किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक हिंसा—इन सभी विषयों पर स्पष्ट रूप से जानकारी दी गई। साथ ही “गुड टच” और “बैड टच” के विषय में भी विस्तार से समझाया गया।
POCSO एक्ट और कानूनी संरक्षण
सभी छात्राओं को पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है और इसके अंतर्गत अपराधियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि पीड़ित बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
बच्चों को बताई गई महत्वपूर्ण सावधानियाँ
कार्यक्रम में बच्चों को तीन महत्वपूर्ण बातें विशेष रूप से समझाई गईं— किसी भी गलत स्पर्श को राज न रखें, ज़ोर से “ना” कहें, और तुरंत किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 (24×7) तथा निकटतम पुलिस स्टेशन से सहायता लेने की प्रक्रिया पर भी जानकारी साझा की गई।
विधिक सहायता और उपलब्ध सेवाएँ
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया गया। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से जरूरतमंद लोग कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्टजन
इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मो. मिराज, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शाहिस्ता जमाल अंसारी, पैनल अधिवक्ता विक्रम सिंह, राकेश सुखीजा, तथा पंतनगर पोक्सो यूनिट से उप-निरीक्षक नीलम मेहता सहित विद्यालय की अध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं।



