
हरिद्वार शहर के प्रमुख शंकराचार्य चौक का स्वरूप अब पूरी तरह से बदलने जा रहा है। प्रशासन ने इस ऐतिहासिक स्थल को अधिक आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नई योजना तैयार की है। इस योजना के तहत चौक के मध्य स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को गंगा तट पर भव्य और दिव्य रूप में पुनः स्थापित किया जाएगा।
भूमि पूजन के साथ परियोजना की शुरुआत
इस महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत रविवार को विधिवत भूमि पूजन के साथ हुई। कार्यक्रम में संत समाज और प्रशासन के कई प्रमुख लोग शामिल हुए। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विशेष रूप से तैयार किया गया है।
यातायात व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
शंकराचार्य चौक से छह प्रमुख मार्ग अलग-अलग दिशाओं में जाते हैं, जिससे यह क्षेत्र हमेशा व्यस्त रहता है। दिल्ली–देहरादून फ्लाईओवर बनने के बाद यहां यातायात का दबाव और बढ़ गया था। इसी समस्या के समाधान के लिए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने चौक के पुनर्विकास और प्रतिमा के स्थानांतरण का निर्णय लिया है। आगामी कुंभ मेले को देखते हुए यह कदम और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संत समाज और प्रशासन का मिला सहयोग
भूमि पूजन कार्यक्रम में निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव रवींद्र पुरी महाराज सहित कई संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। साथ ही कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए और इस पहल की सराहना की।
आधुनिक विकास के साथ सांस्कृतिक संरक्षण
अधिकारियों के अनुसार यह कार्य संत समाज के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका के मार्गदर्शन में चौक को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए आकर्षक रूप दिया जाएगा।
आमजन और श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
परियोजना पूरी होने के बाद शंकराचार्य चौक न केवल अधिक सुंदर दिखाई देगा, बल्कि यहां की यातायात व्यवस्था भी सुचारु हो जाएगी। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं दोनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर आयुक्त नंदन कुमार, प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार सिंह, उद्यान अधिकारी आशाराम जोशी, सहायक अभियंता वर्षा और पार्षद अनुज कुमार सहित कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



