
उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर के मुख्यालय Rudrapur में शनिवार 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन Uttarakhand State Legal Services Authority, नैनीताल के निर्देशानुसार जिले के सभी न्यायालयों में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सिकन्द कुमार त्यागी ने की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में हुआ आयोजन
राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेन्द्र कुमार सागर के निर्देशन में किया गया। इस आयोजन में मुख्यालय सहित बाहरी न्यायालयों को मिलाकर कुल 21 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया, जिनमें विभिन्न न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को शामिल किया गया।
कई न्यायिक अधिकारियों ने संभाली लोक अदालत की जिम्मेदारी
लोक अदालत की विभिन्न पीठों में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मीना देउपा, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती अनिता गुंजियाल, सिविल जज सीनियर डिवीजन श्रीमती गुंजन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयेंद्र सिंह तथा प्रथम अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त विभिन्न न्यायालयों के अन्य सिविल जज और न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी लोक अदालत की कार्यवाही का संचालन किया गया।
प्री-लिटिगेशन के हजारों मामलों का हुआ समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान प्री-लिटिगेशन स्तर के कुल 3339 मामलों को चिन्हित किया गया था। इनमें से सभी 3339 मामलों का आपसी सहमति के आधार पर सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया, जिसमें लगभग 5 करोड़ 65 लाख 80 हजार 932 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया।
लंबित मामलों का भी हुआ बड़ा निस्तारण
इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों में से कुल 5744 मामलों का निस्तारण लोक अदालत की पीठों द्वारा किया गया। इन मामलों में लगभग 10 करोड़ 39 लाख 11 हजार 559 रुपये की धनराशि का आपसी समझौते के माध्यम से सेटलमेंट कराया गया।
वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेन्द्र कुमार सागर की ओर से उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था कराई गई।
त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में अहम पहल
लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई।



