
जनपद के नौनिहालों को कुपोषण की बेड़ियों से मुक्त करने और उन्हें एक सशक्त भविष्य देने के संकल्प के साथ गुरुवार को रुद्रपुर में ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ का शानदार शुभारंभ हुआ। गांधी कॉलोनी स्थित राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं बच्चों को कृमि नाशक ‘एल्बेंडाजोल’ की खुराक पिलाकर इस स्वास्थ्य महाअभियान का श्रीगणेश किया।

मानसिक और शारीरिक विकास के लिए ‘पेट के कीड़ों’ से मुक्ति अनिवार्य
उपस्थित जनसमूह और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में पेट के कीड़े एक बड़ी बाधा हैं। यह न केवल बच्चों के शरीर में रक्त की कमी (एनीमिया) पैदा करते हैं, बल्कि उनके सीखने की मानसिक क्षमता और एकाग्रता को भी बुरी तरह प्रभावित करते हैं। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, और इसके लिए समय-समय पर कृमि मुक्ति आवश्यक है।

6 लाख से अधिक बच्चों को कवर करने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के साझा प्रयासों से संचालित इस अभियान का खाका बेहद विस्तृत है। जनपद के तमाम सरकारी व निजी विद्यालयों सहित आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष तक की आयु के 6,03,960 बच्चों को लक्षित किया गया है। जिलाधिकारी ने अभिभावकों और शिक्षकों को आश्वस्त किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित है, जिसे प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में ही खिलाया जा रहा है।

स्वच्छता की शपथ और मॉप-अप डे की योजना
मात्र दवा खिलाना ही काफी नहीं है, बल्कि बीमारियों को जड़ से मिटाना उद्देश्य है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने बच्चों को भोजन से पूर्व अनिवार्य रूप से हाथ धोने और खुले में शौच से बचने जैसी जीवनरक्षक आदतों की शपथ दिलाई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने जानकारी दी कि जो बच्चे आज किन्हीं कारणों से छूट गए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है; उनके लिए 14 मई को ‘मॉप-अप डे’ आयोजित कर दवा पिलाई जाएगी।

प्रशासनिक उपस्थिति और सहयोग
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीपीएम हिमांशु मुस्यूनी सहित आरबीएस टीम के विशेषज्ञ और विद्यालय परिवार मौजूद रहा। सभी ने मिलकर जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के इस संकल्प को दोहराया।



