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गाजियाबाद: पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, बदला लेने के लिए साथी खिलाड़ी ने मारी गोली, परिवार में कोहराम

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले 24 साल के युवा पैरा एथलीट चिराग त्यागी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए CCTV फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है.

पुलिस को दोपहर तीन बजे के बाद सूचना मिली कि गाजियाबाद के साईं कुंज इलाके में एक युवक का शव पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया. मृतक की पहचान 24 साल के चिराग त्यागी के रूप में हुई.

शव को पहली नजर में देखने से ही साफ पता चल रहा था कि किसी ने चिराग को बहुत करीब से गोली मारी है, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. पुलिस ने शुरुआत से ही इसे हत्या का मामला मानकर अपनी जांच आगे बढ़ाई.

सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्या का राज, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया. फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया. उसकी पहचान यश खटीक के रूप में हुई. पुलिस ने यश खटीक को हिरासत में ले लिया. जब पुलिस ने यश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने चिराग त्यागी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली.

चिराग की हत्या करने वाला यश खटीक उनका ही एक पुराना साथी पैरा ओलंपिक खिलाड़ी है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वो भी एक पैरा ओलंपिक खिलाड़ी है. उसने पुलिस को बताया कि वो पहले चिराग त्यागी के साथ ही स्कूल में खेल की प्रैक्टिस किया करता था. ये दोनों खिलाड़ी ‘ब्लाइंड कैटेगरी’ के तहत एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे.

यश ने बताया कि कुछ समय पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का एक मामला सामने आया था. उस मामले में चिराग त्यागी ने यश खटीक के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करा दी थी. चिराग की इस शिकायत की वजह से यश का क्वालिफिकेशन रद्द कर दिया गया और वो खेल प्रतियोगिता से बाहर हो गया.

क्वालिफिकेशन कैंसल होने के बाद से ही यश खटीक, चिराग त्यागी से बेहद नाराज चल रहा था. उसके सिर पर बदला लेने का खून सवार था. बदला लेने के लिए उसने एक पिस्तौल का इंतजाम किया और मौका पाकर चिराग की हत्या कर दी.

जापान जाने की चल रही थी तैयारी, दो दिन पहले जीता था गोल्ड

चिराग त्यागी गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव के रहने वाले थे. वो देश के सबसे उभरते हुए पैरा खिलाड़ियों में से एक थे. अभी महज दो दिन पहले ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था. इस शानदार जीत के दम पर चिराग ने इसी साल अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया था.

चिराग की इस बड़ी कामयाबी से उनके परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल था. माता-पिता खुश थे कि उनका बेटा विदेश में भारत का तिरंगा बुलंद करने जा रहा है. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि देश के लिए पदक जीतने का ख्वाब देखने वाला ये होनहार खिलाड़ी इतनी जल्दी मौत की आगोश में सो जाएगा.

घर से हॉस्टल जाने की बात कहकर निकले थे चिराग

परिजनों ने बताया कि चिराग बुधवार सुबह अपने घर से ये कहकर निकले थे कि वो हॉस्टल जा रहे हैं. लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो परिवार वाले परेशान हो गए. वो चिराग की तलाश करने की सोच ही रहे थे कि इसी बीच पुलिस को साईं उपवन क्षेत्र में एक युवक का शव मिलने की खबर आई.

जब परिवार वालों ने मौके पर जाकर देखा तो उनकी दुनिया ही उजड़ चुकी थी. चिराग के कजिन आशीष त्यागी ने शुरुआत में ही हत्या की आशंका जताई थी. उन्होंने कहा था कि चिराग का किसी से कोई सीधा विवाद नहीं था. वो पूरी तरह से अपने खेल और देश के लिए पदक जीतने की तैयारियों में लगा रहता था. परिवार ने पुलिस से मांग की थी कि हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए.

पिस्तौल की तलाश जारी

इस पूरी घटना को लेकर गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि जिस पिस्तौल से चिराग त्यागी की हत्या की गई है, उसे बरामद करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. इसके साथ ही पुलिस इस पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में यश खटीक के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था.

पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति और ज्यादा साफ हो जाएगी.

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