
अल्मोड़ा में 22 फरवरी को आयोजित हिन्दू सम्मेलन उस समय विवादों में घिर गया जब मंच पर आए लाल बाबा ने समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने न केवल समुदाय विशेष के खिलाफ हिंसा की बात कही बल्कि कानून को भी चुनौती देने वाले बयान दिए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा समेत कई भाजपा नेता मौजूद थे।
लाल बाबा का वीडियो कुछ ही घंटों में राष्ट्रीय स्तर पर वायरल हो गया और उनके बयान की व्यापक आलोचना शुरू हो गई।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
मामला उछलने के बाद कार्यक्रम के आयोजक सामने आए। उन्होंने लाल बाबा को नोटिस जारी किया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। माँ नंदा हिन्दू सम्मेलन समिति के संयोजक मनोज सनवाल ने कोतवाली अल्मोड़ा में लाल बाबा के खिलाफ तहरीर सौंपी।
तहरीर में कहा गया कि कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं के साथ-साथ महामंडलेश्वर लाल बाबा को आमंत्रित किया गया था। समिति को उनकी उपस्थिति में विश्वास था कि वे वेद और उपनिषदों के जानकार होंगे।
तहरीर में आरोप
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया कि लाल बाबा द्वारा समुदाय विशेष के खिलाफ की गई अशोभनीय टिप्पणी से कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंची है। समिति ने स्पष्ट किया कि बाबा के बयान उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन समिति और उसके पदाधिकारियों का उनके वक्तव्यों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने मामले का स्वयं संज्ञान लेते हुए बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह से माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



