व्यापार

“भाई साहब! छुट्टे नहीं है” का झंझट खत्म, अब ATM से निकलेंगे 10, 20 और 50 के नोट

डिजिटलाइजेशन के इस नए दौर में बिल पेमेंट से लेकर रिचार्ज तक सबकुछ ऑनलाइन हो रहा है. कई बार अगर हम 100 या 500 रुपये का नोट लेकर बाजार जाते हैं, तो दुकानदारों का यही कहना रहता है कि ‘भाई साहब! छुट्टे नहीं है.’ ऑनलाइन पेमेंट के इस जमाने में छोटे नोटों की कमी अब खलने लगी है, जिनकी जरूरत ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने से लेकर छोटे-मोटे सामान की खरीदारी करते वक्त पड़ती है. । हालांकि, सरकार का कहना है कि मार्केट में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. अब योजना ATM से भी छोटे नोट निकालने की है.

सरकार की क्या है योजना? 

बीते मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से संसद में बताया गया कि देश में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट पहले से ही काफी संख्या में चलन में हैं. हालांकि, ATM से कैश विदड्रॉल के दौरान हमें अकसर 500 रुपये के ही नोट मिलते हैं. कभी-कभार100 या 200 रुपये के भी नोट निकल जाते हैं. ऐसे में 500 के नोट का छुट्टा मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है.

इस दुविधा पर बात करते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पुराने ATM छोटे नोट बांटने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं. हालांकि, इस समस्या को हल करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इस पहल के तहत, खास ‘छोटे मूल्य वाले डिस्पेंसर’ की टेस्टिंग की जा रही है. इन मशीनों से लोग सीधे 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट निकाल सकेंगे. इस तरह, लोग ATM से कैश निकालते समय छुट्टे पैसे भी पा सकेंगे.

कितने छोटे नोट सर्कुलेशन में हैं?

सरकार ने छोटे नोटों की सप्लाई का डेटा भी शेयर किया. मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (26 फरवरी तक) में रिजर्व बैंक (RBI) ने 439.4 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 193.7 करोड़ रुपये के 20 रुपये के नोट और 130.3 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोटों की सप्लाई की. इसी तरह से पिछले कारोबारी साल 2025 में 180 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 150 करोड़ रुपये के 20 करोड़ के नोट और 300 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोट सप्लाई की गई.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) नियमित तौर पर अलग-अलग डिनॉमिनेशन की डिमांड का रिव्यू करता है और बताता है कि कितने नोट छापे जाने चाहिए. सरकार के मुताबिक, कम वैल्यू वाले कैश की डिमांड बैंक नोट और सिक्कों को मिलाकर पूरी की जाती है. साथ ही, डिजिटल पेमेंट अब कम वैल्यू वाले पेमेंट सहित ट्रांजैक्शन का एक बड़ा हिस्सा है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button