
देहरादून। प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैम्प कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
फसल क्षति का शीघ्र सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
कृषि मंत्री ने कहा कि बारिश के अभाव में किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिसे देखते हुए तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश न होने से हुए नुकसान का आंकलन कर शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि आगे की राहत एवं सहायता योजनाओं पर समय रहते निर्णय लिया जा सके।
कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड पैक हाउस और टेस्टिंग लैब पर जोर
किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंत्री जोशी ने इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए कागजी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से प्रदेश के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित करने की योजना
कृषि मंत्री ने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इन उद्यानों को आय सृजन से जोड़ा जाए। उन्होंने जायका परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन के लिए स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए।
केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक के दौरान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एसएन पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



