
रुद्रपुर में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक के दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जिला सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि अतिक्रमण, धर्मांतरण, महिला अपराध तथा अन्य गंभीर मामलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार इन विषयों को लेकर अत्यंत गंभीर है, इसलिए अपराध की प्रवृत्ति रखने वाले लोगों में कानून का भय होना चाहिए और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय संचालित करने और लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुराने मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही ताकि वर्षों से लंबित प्रकरणों का समाधान हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्व वसूली अभियान को तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। सभी तहसीलों में शीर्ष 10 बकायेदारों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण के लिए बढ़ाई जाए निगरानी
जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग को अपराध रोकथाम के लिए सक्रिय और प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में होने वाली गतिविधियों पर प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर रहनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

उन्होंने न्यायालयों में अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
पॉक्सो मामलों में जांच की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मामले की विवेचना में कोई कमी पाई गई है तो उसकी चेकलिस्ट तैयार कर भविष्य के मामलों में उसका उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो मामलों की जांच में उच्च गुणवत्ता और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत कमी के कारण अपराधी न्यायालय से दोषमुक्त न हो सके।
अवैध शराब और ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को कच्ची शराब और अवैध मदिरा के कारोबार पर पूर्ण रोक लगाने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा एआरटीओ को ओवरलोड वाहनों और राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन में अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
शिकायतों के त्वरित समाधान पर दिया जोर
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जन समर्पण पोर्टल, आयोगों से प्राप्त संदर्भ, रिट याचिकाएं, ऑडिट आपत्तियां तथा पेंशन संबंधी मामलों की समयबद्ध रिपोर्टिंग पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण किया जाए और आवश्यक होने पर शिकायतकर्ता से सीधे संवाद भी स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित रूप से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। साथ ही खाद्य कारोबारियों और आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी बल दिया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक क्राइम, अपर जिलाधिकारी, विभिन्न उप जिलाधिकारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला सरकारी अधिवक्ता, एआरटीओ, जिला पूर्ति अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



