उत्तराखंडराज्य

गोरखाली महिला कल्याण समिति का वनभोज एवं सांस्कृतिक महोत्सव

बैरागी कैंप में आयोजित कार्यक्रम

हरिद्वार के बैरागी कैंप में गोरखाली महिला कल्याण समिति की ओर से वनभोज एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गोरखाली समाज के लोग शामिल हुए और अपनी सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक गोरखाली लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें शामिल थे:

  • झली को झलल

  • सुरके थैली

  • माईती घर

  • टाकन टुकन

  • चींटीकै भाछुरे

  • मत ढले ढले

  • गौरखे खुकुरी

  • साल को पात टपरी

  • कुटुम कुटुम सुपारी दाना

साथ ही महिलाओं को पारंपरिक भोजन भी कराया गया।

संदेश और शुभकामनाएँ

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और सकारात्मक सामाजिक चेतना बढ़ाते हैं।

विशिष्ट अतिथि राजू वधावन ने कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक संरक्षण को मजबूत बनाता है।

समिति का योगदान

अध्यक्ष पदमा पाण्डेय और महामंत्री शारदा सुबेदी ने बताया कि गोरखाली महिला कल्याण समिति लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि वनभोज जैसे पर्व महिलाओं की आस्था, श्रद्धा और पारिवारिक एकता का प्रतीक हैं।

कमला सुबेदी और रेखा सुबेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को संस्कृति व्यक्त करने का अवसर देते हैं और आपसी मेलजोल बढ़ाते हैं। पदम प्रसाद सुबेदी और लोकनाथ सुबेदी ने कहा कि यह महोत्सव पर्यावरण जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश भी देता है।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और सहभागिता

कार्यक्रम में हरिद्वार के साथ-साथ देहरादून, रायवाला, ऋषिकेश, डोईवाला, रुड़की, छिदरवाला, मोतीचूर और गाजीवाला से सैकड़ों गोरखाली महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।

इस अवसर पर आचार्य स्वामी रवि देव शास्त्री, स्वामी हरिहरानन्द महाराज, महंत दिनेश दास, सुतिक्षणमुनि महाराज सहित कई सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में गोरखाली समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे, जिनमें सपना खड़का, तनुजा पाण्डेय, तारा अर्याल, मधु पाण्डेय, माया रेवले, चंपा उपाध्याय, भगवती ओझा, कल्पना बोहरा, पार्वती कंडेल, भावना शर्मा, कमला पांडेल, रमा पाण्डेय, ज्योति पांडेय, अम्बिका उपाध्याय, गंगा देवी उपाध्याय, वीना बिस्ट, रोशनी बिस्ट आदि शामिल थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button