
देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 में स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। यह बजट देश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
तीन नए एम्स और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की घोषणा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बजट में देशभर में तीन नए एम्स की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही दो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षित मानव संसाधन को भी मजबूती मिलेगी।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय मेडिकल हब
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से देश में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित किए जाएंगे। ये हब आधुनिक अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा और शोध सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड हेल्थ सेंटर्स के रूप में कार्य करेंगे। इससे भारत वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
बायोफार्म शक्ति योजना से सस्ती दवाओं को बढ़ावा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार को सुलभ और किफायती बनाने के लिए बजट में बायोफार्म शक्ति योजना की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे दवा निर्माण क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को कम लागत पर दवाएं उपलब्ध होंगी।
राज्य स्तर पर ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्रीय बजट के प्रावधानों के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और फार्मा सेक्टर को और अधिक मजबूती मिल सकेगी।
स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह बजट देश और प्रदेश दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य अधोसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में आम नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से मिलेगा।



