
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अत्याचार से प्रभावित हर व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पीड़ितों की समस्याओं का संवेदनशीलता से संज्ञान लेते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
कमजोर वर्गों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समाज के पीड़ित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति के साथ होने वाले अन्याय या उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में पूरी गंभीरता बरतते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जनशिकायतों के निस्तारण में न हो देरी
सीएम धामी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनशिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पीड़ितों को शासन और प्रशासन की ओर से तुरंत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
संवेदनशील व्यवहार ही सुशासन की असली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सख्त कानून-व्यवस्था और पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही एक पारदर्शी व जनहितैषी शासन (सुशासन) की पहचान है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीड़ित खुद को असहाय या अकेला न समझे और उसे बिना किसी रुकावट के त्वरित न्याय और सुरक्षा मिले।



