
रुद्रपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला उद्योग केंद्र सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शाशनी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए उपस्थित बुनकरों और कारीगरों का मार्गदर्शन किया।

1. बुनकरों और कारीगरों की उत्साहजनक भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 70 से 80 बुनकरों और हस्तशिल्पियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
-
प्रमुख प्रतिभागी: सविता देवी, फेमिदा सहित क्षेत्र के कई नामचीन कारीगर कार्यक्रम में मौजूद रहे।
-
अनुभव साझा करना: कार्यक्रम के दौरान कारीगरों ने अपने अनुभव साझा किए और हथकरघा क्षेत्र के उत्थान तथा इसे बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

2. ‘हथकरघा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर’: मुख्य विकास अधिकारी
अपने संबोधन में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने हथकरघा कला के महत्व पर प्रकाश डाला:
-
पारंपरिक कला का संरक्षण: उन्होंने कहा कि हथकरघा हमारी संस्कृति और परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजना बेहद जरूरी है।
-
गुणवत्ता और आधुनिक बाजार: उन्होंने स्थानीय बुनकरों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने और आधुनिक बाजार की मांग व जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

3. हथकरघा परंपरा के संवर्धन और संरक्षण की ली गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को हथकरघा परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की शपथ दिलाई।
-
सामूहिक संकल्प: सभी प्रतिभागियों ने हथकरघा व हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास, स्थानीय (लोकल) उत्पादों को बढ़ावा देने और इस पारंपरिक बुनकरी कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
4. कार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर महाप्रबंधक (उद्योग) विपिन कुमार सहित उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े कई कारीगर व बुनकर उपस्थित रहे।



