
देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तराखंड ने राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर राज्य सरकार से सभी पर्यावरणीय और कानूनी स्वीकृतियां सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि वह विकास कार्यों की विरोधी नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय मानकों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विकास की पक्षधर है।
वन एवं पर्यावरण कानूनों के पालन पर उठाए सवाल
देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान युवा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर ने कहा कि वन भूमि पर सड़क निर्माण जैसी परियोजनाओं के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए वन स्वीकृति, पर्यावरणीय मंजूरी और आवश्यकता होने पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड समेत सभी संबंधित प्राधिकरणों की अनुमति प्राप्त कर ली गई है। यदि सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं, तो सरकार उन्हें सार्वजनिक करे।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी किया उल्लेख
महानगर अध्यक्ष दीप्ति रावत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों में संरक्षित वन क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य बताया गया है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि परियोजना से जुड़ी सभी पर्यावरणीय शर्तों और आवश्यक संस्थागत अनुमोदनों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है या नहीं।
पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन जरूरी
पार्टी ने कहा कि वन भूमि पर सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार से वन स्वीकृति, प्रतिपूरक वनीकरण, नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) का भुगतान तथा आवश्यक वन्यजीव संबंधी अनुमतियां लेना अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इन सभी प्रावधानों का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना है।
वन्यजीव गलियारे को लेकर जताई चिंता
आम आदमी पार्टी के अनुसार, देहरादून-ऋषिकेश मार्ग का सात मोड़ क्षेत्र हाथियों, बाघों और अन्य वन्यजीवों के महत्वपूर्ण आवागमन गलियारों में शामिल है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पर्यावरणीय प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाना चाहिए। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास, इको-डक्ट जैसी संरचनाओं का निर्माण तथा प्रभावी प्रतिपूरक वनीकरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का आरोप
प्रेस वार्ता में पार्टी ने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और कानूनी मुद्दे उठाने वाले उसके नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पार्टी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। पर्यावरण संरक्षण और कानून के पालन की मांग भविष्य में भी जारी रखी जाएगी।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष डी.के. पाल, अशोक सेमवाल, नासीर खान, शैलेश तिवारी, श्याम लाल नाथ और राजीव तोमर मौजूद रहे।



