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विंबलडन 2026: जैनिक सिनर ने लगातार दूसरी बार जीता खिताब, फाइनल में ज्वेरेव को हराया

विंबलडन 2026 के पुरुष सिंगल्स फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की. सेंटर कोर्ट पर खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज़्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार विंबलडन का ताज अपने नाम कर लिया. यह ऑल इंग्लैंड क्लब में सिनर का लगातार दूसरा खिताब है, जबकि ग्रैंड स्लैम स्तर पर यह उनके करियर की पांचवीं ट्रॉफी रही. इस जीत के साथ उन्होंने ज़्वेरेव के खिलाफ अपना दबदबा भी बरकरार रखा और उनके खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की. हालांकि, मुकाबले की शुरुआत आसान नहीं रही क्योंकि पहला सेट टाई-ब्रेक में हारने के साथ ही ज़्वेरेव ने सिनर की लगातार 14 सेट जीतने की लय भी तोड़ दी.

पहले सेट के बाद बदला मैच का रुख

पहले सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला और टाई-ब्रेक में ज़्वेरेव बाजी मारने में सफल रहे. लेकिन दूसरे सेट से सिनर ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी. उन्होंने टाई-ब्रेक जीतकर मैच बराबर किया और फिर अगले दोनों सेट अपने नाम करते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया. पूरे मुकाबले में सिनर की बेसलाइन से लगातार आक्रामक खेल, बेहतरीन सर्विस रिटर्न और दबाव में संयम उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई.

ज्वेरेव ने दी टक्कर, लेकिन निर्णायक मौकों पर चूके

जर्मन खिलाड़ी ने मैच में 17 ऐस लगाए और पहली सर्विस पर 80 प्रतिशत सफलता हासिल की. इसके बावजूद अहम मौकों पर वह सिनर के सामने टिक नहीं सके. सिनर ने अपनी पहली सर्विस पर 80 प्रतिशत अंक जीते, जबकि दूसरी सर्विस पर भी 68 प्रतिशत अंक अपने नाम किए. उन्हें मिले पांच ब्रेक प्वाइंट में से दो को उन्होंने भुनाया और रिटर्न गेम में भी बढ़त बनाए रखी. रिसीविंग प्वाइंट्स में भी उन्होंने 43-34 से बढ़त हासिल की.

शानदार अंदाज में खत्म किया मुकाबला

चैंपियनशिप प्वाइंट पर सिनर ने ज़्वेरेव के ड्रॉप शॉट का शानदार जवाब देते हुए क्रॉसकोर्ट बैकहैंड विनर लगाया. इसके बाद अगले ही प्वाइंट पर दमदार फोरहैंड विनर के साथ मैच खत्म कर दिया. जीत के बाद वह खुशी से घास पर गिर पड़े और नेट के पास जाकर ज़्वेरेव को गले लगाया. मुकाबले के अंत तक सिनर ने कुल 145 अंक जीते, जबकि ज़्वेरेव 130 अंक ही जुटा सके. तीन घंटे से ज्यादा चले फाइनल में उन्होंने 25 गेम अपने नाम किए और लगातार दूसरे साल विंबलडन ट्रॉफी उठाने का गौरव हासिल किया.

दूसरी ओर, ज़्वेरेव का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का इंतजार अभी भी जारी है. दुनिया के नंबर एक खिलाड़ियों के खिलाफ ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड अब 0-7 हो गया है.

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