
देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थान निर्माण से प्रभावित स्थानीय लोगों के अधिकारों और पूर्व में किए गए वायदों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए।
निर्माण कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा
गुरुवार को मंत्री डॉ. रावत ने अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग, एनआईटी श्रीनगर और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से संस्थान को बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि शेष कार्यों को संस्थान प्रशासन द्वारा समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना आवश्यक है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अनुबंध की शर्तों के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने संस्थान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी विकास योजनाओं से जोड़ा जाए।
पॉलिटेक्निक भवन वापस सौंपने के निर्देश
डॉ. रावत ने बैठक में एनआईटी प्रशासन को निर्देश दिए कि राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर के अधिगृहित भवनों को चरणबद्ध तरीके से तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्रों और संस्थानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
इसके अलावा मंत्री ने एनआईटी परिसर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर जोर
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और सुचारु संचालन बनाए रखने के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विभाग में सम्बद्ध और अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदों पर वापस भेजने के निर्देश भी दिए।
कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, एनआईटी श्रीनगर के डीन प्रो. विवेक श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, कुलसचिव एच.एम. आजाद, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश माण्डेय, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्र, उप निदेशक एस.के. वर्मा सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।



