उत्तराखंडराज्य

सीएम घोषणाओं और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जिला योजना, आजीविका एवं रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा 25 सूत्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री की 399 घोषणाओं में 155 कार्य पूरे

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद में कुल 399 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 155 घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 24 घोषणाएं अभी जिला स्तर पर लंबित हैं। बाकी परियोजनाएं विभिन्न स्तरों पर प्रगति पर हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत रुचि लेकर जल्द पूरा किया जाए।

बंग भवन और पर्यावरण मित्र आवास के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने रुद्रपुर में बंग भवन निर्माण और खेड़ा क्षेत्र में पर्यावरण मित्रों के लिए प्रस्तावित आवासीय परियोजना की डीपीआर सात दिनों के भीतर तैयार करने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए। इसके अलावा मानसखंड कॉरिडोर के तहत शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।

ग्रामीण निर्माण विभाग को तीन ग्रामीण सड़कों से संबंधित डीपीआर जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

अधिवक्ताओं और खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर जोर

जसपुर और खटीमा में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण हेतु भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए गए। वहीं सितारगंज स्थित शक्तिफार्म राजकीय इंटर कॉलेज और खटीमा के टीडीसी परिसर में खेल मैदान निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा गया।

25 सूत्रीय कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने 25 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग समय पर प्रगति रिपोर्ट और आवश्यक आंकड़े जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराएं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 पर बनेगा मास्टर प्लान

बैठक के बाद आयोजित कार्यशाला में जिलाधिकारी ने नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए कि नए मानकों के अनुरूप जनपद का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसके तहत नगर निकायों, जिला पंचायत और ग्राम पंचायतों को क्लस्टर आधारित मॉडल से जोड़ा जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू होगी घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था

पीडी हिमांशु जोशी ने जानकारी दी कि जनपद की 373 ग्राम पंचायतों में 10 से 12 हजार आबादी पर एक क्लस्टर विकसित किया जाएगा। जिले में 78 से अधिक क्लस्टर बनाने की योजना है, जिनके माध्यम से कूड़ा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था संचालित है, उसी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही निगरानी के लिए जिला और तहसील स्तर पर मॉनिटरिंग सेल गठित किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button