
चम्पावत जिले के मादली क्षेत्र में राष्ट्रीय जनगणना 2027 के अंतर्गत भवन जनगणना को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत टीम द्वारा गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों से जानकारी एकत्रित की जा रही है। साथ ही नागरिकों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़े आवश्यक पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी जा रही है।
घर-घर पहुंचकर दी जा रही जानकारी
अभियान से जुड़े शिक्षक सामश्रवा आर्य ने बताया कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या से संबंधित सटीक और विश्वसनीय आंकड़े तैयार करना है। इन आंकड़ों का उपयोग सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं के विकास और राष्ट्र की समग्र प्रगति के लिए किया जाता है।
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। भारत जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत नागरिकों द्वारा साझा की गई सूचनाओं को सुरक्षित रखा जाता है और उनका किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जाता।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
जानकारी देते हुए बताया गया कि जनगणना का पहला चरण भवनों, आवासीय स्थिति और भौतिक आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करने पर केंद्रित है। इसके बाद दूसरे चरण में वर्ष 2027 के दौरान सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों का सर्वेक्षण किया जाएगा।
लोगों को किया गया सतर्क
अभियान के दौरान टीम ने नागरिकों को यह भी जागरूक किया कि जनगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दस्तावेज, पहचान पत्र, फोटो या ओटीपी की मांग नहीं की जाती है। इसलिए लोग किसी भी अफवाह या धोखाधड़ी से बचते हुए बिना संकोच सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
स्थानीय लोगों का मिला सहयोग
इस जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने में क्षेत्र के कई स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहयोग दिया। इनमें मनीष कुमार, प्रयागदत्त मुरारी, भुवन जोशी, दीपक टम्टा, सिद्धिकी पेंटर, नितेश गुप्ता, कमल सिंह, ललित, राम सिंह और पंकज सहित अन्य लोग शामिल रहे।



