
करीब नौ साल के लंबे इंतजार के बाद पेशावर जाल्मी ने एक बार फिर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में जाल्मी ने हैदराबाद किंग्समैन को पांच विकेट से हराकर न सिर्फ दूसरी बार ट्रॉफी जीती, बल्कि अपने प्रशंसकों को एक यादगार जीत का तोहफा भी दिया। टीम ने इससे पहले 2017 में खिताब जीता था और उसके बाद लगातार कोशिशों के बावजूद ट्रॉफी से दूर रही थी। इस बार टीम ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन करते हुए फाइनल में भी दबदबा बनाए रखा।
बाबर आजम की कप्तानी में पहली बड़ी उपलब्धि
जाल्मी के कप्तान बाबर आजम के लिए यह जीत बेहद खास मानी जा रही है। उनकी कप्तानी में टीम ने पहली बार कोई बड़ा खिताब अपने नाम किया है। हालांकि, फाइनल मुकाबले में बाबर बिना खाता खोले ही आउट हो गए, लेकिन पूरे सीजन में उन्होंने टीम को संभालकर रखा और अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई।
हैदराबाद किंग्समैन की पारी लड़खड़ाई
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद किंग्समैन की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़ी साझेदारी नहीं बना सकी और 18 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। सईम अयूब ने एक छोर संभालते हुए 54 रन की पारी खेली और टीम को संभालने की कोशिश की, जबकि कप्तान मार्नस लाबुशेन ने 20 रन का योगदान दिया। इसके अलावा बाकी बल्लेबाज कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ सके, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
आरोन हार्डी का ऑलराउंड प्रदर्शन रहा निर्णायक
इस मुकाबले में आरोन हार्डी ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में चार विकेट लेकर विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। उनके सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता ने किंग्समैन के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। वहीं नाहिद राणा ने भी उनका अच्छा साथ देते हुए दो विकेट झटके और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए जाल्मी की खराब शुरुआत
130 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जाल्मी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले ही ओवर में टीम ने मोहम्मद हारिस और कप्तान बाबर आजम के रूप में दो बड़े विकेट गंवा दिए, जिससे टीम पर दबाव बन गया। शुरुआती झटकों के बाद टीम की पारी लड़खड़ा गई और एक समय स्कोर चार विकेट पर 40 हो गया था। ऐसा लग रहा था कि मैच किंग्समैन की पकड़ में जा सकता है।
हार्डी और समद की साझेदारी ने पलटा मैच
इसके बाद आरोन हार्डी और अब्दुल ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए मैच का रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 85 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने टीम को जीत की ओर पहुंचाया। समद ने 34 गेंदों में 48 रन की तेज पारी खेली, जिसमें कई बड़े शॉट शामिल थे। वहीं, हार्डी ने अंत तक नाबाद रहते हुए 56 रन बनाए और टीम को सुरक्षित लक्ष्य तक पहुंचाया।
जीत के साथ खत्म हुआ लंबा इंतजार
अंत में पेशावर जाल्मी ने पांच विकेट खोकर यह लक्ष्य 28 गेंदों के शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम ने नौ साल बाद पीएसएल ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया और अपने फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया। इससे पहले टीम 2017 में डैरन सैमी की कप्तानी में पहला खिताब जीती थी।

