
देहरादून में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 80 चयनित शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science), बेंगलुरु में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजने का निर्णय लिया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रयोगात्मक, शोध आधारित और नवाचार केंद्रित बनाना है, ताकि विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा को बढ़ाया जा सके।
24 अप्रैल से 9 मई तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
अधिकारियों के अनुसार यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 अप्रैल 2026 से 9 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विज्ञान संकाय के शिक्षकों को नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक प्रयोगात्मक तकनीकों और समकालीन शिक्षण विधियों की जानकारी दी जाएगी।
“मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन योजना” के तहत पहल
यह पूरी पहल “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना” के अंतर्गत की जा रही है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग और आईआईएससी बेंगलुरु के बीच एक एमओयू (MoU) भी हस्ताक्षरित किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान कर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में शोध, प्रयोगात्मक अध्ययन और नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना है।
विभिन्न विषयों के शिक्षक होंगे शामिल
इस प्रशिक्षण बैच में कुल 80 शिक्षक शामिल हैं, जिनका चयन विभिन्न विज्ञान विषयों से किया गया है। इसमें भौतिक विज्ञान के 16, रसायन विज्ञान के 19, गणित के 13, वनस्पति विज्ञान के 16 तथा जन्तु विज्ञान के 16 शिक्षक शामिल हैं।
अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को आईआईएससी की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे विज्ञान शिक्षा के नए आयामों और आधुनिक तकनीकों को गहराई से समझ सकेंगे और उन्हें अपने शिक्षण में लागू कर पाएंगे।
उच्च शिक्षा सचिव ने जताया विश्वास
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रणजीत सिन्हा ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित शिक्षक अपने संस्थानों में लौटकर विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यवहारिक ढंग से शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया भविष्य उन्मुख कदम
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में इस प्रकार का प्रशिक्षण शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और नवाचार आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान से प्रदेश के अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित करेंगे और उत्तराखंड में विज्ञान आधारित शिक्षा को नई दिशा देंगे।



