
देहरादून चैप्टर द्वारा राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर राजपुर रोड स्थित हुडको सभागार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय “लोकतंत्र में जनसंपर्क का महत्व” रखा गया, जिसमें जनसंपर्क की भूमिका और उसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई।
लोकतंत्र में जनसंपर्क को बताया मजबूत सेतु
चैप्टर के अध्यक्ष एवं उपनिदेशक रवि बिजारनिया ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसंपर्क से न केवल संवाद स्थापित होता है, बल्कि यह संवाद आपसी विश्वास की नींव भी रखता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाता है।
समाज और परिवार स्तर पर भी अहम भूमिका
हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने कहा कि जनसंपर्क केवल शासन और प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव परिवार और समाज के स्तर पर भी महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते संचार माध्यमों के बीच जिम्मेदार और संवेदनशील संवाद की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
फेक न्यूज और डीपफेक पर जताई चिंता
चैप्टर के सचिव अनिल सती ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए PRSI की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। वहीं सदस्य मनीता हरि ने फेक न्यूज और डीपफेक जैसी चुनौतियों को गंभीर बताते हुए इनके प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
जनसंपर्क को बताया राष्ट्र निर्माण का माध्यम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने जनसंपर्क के सकारात्मक, प्रामाणिक और प्रभावी स्वरूप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क केवल संस्थागत प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत स्तर पर भी समाज और राष्ट्र सेवा का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव कंडवाल ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस अवसर पर राकेश डोभाल, प्रियांक वशिष्ठ, सुशील कुमार, मनोज सती, रितिक, वैभव गोयल, विमल डबराल, दिनेश कुमार, दीपक शर्मा, संजय पांडेय, पुष्कर नेगी, मनोज कुमार, शिव सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार साझा किए।



