
देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। मंगलवार को वह अपने 27वें उत्तराखंड दौरे पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के दौरान यह उनका 17वां दौरा होगा। राज्य सरकार इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए पूरी तैयारी में जुटी है।
एक्सप्रेस-वे और ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण
अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। ये परियोजनाएं राज्य में कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
उत्तराखंड से पुराना नाता
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी पहली बार 11 सितंबर 2015 को ऋषिकेश पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कई बार केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों का दौरा किया है। उनके इन दौरों से राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिला है।
पर्यटन और तीर्थाटन को मिला बढ़ावा
केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और प्रचार के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा आदि कैलाश और मुखबा जैसे क्षेत्रों में भी पर्यटन तेजी से विकसित हो रहा है।
“कर्म और मर्म” से जुड़ा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से “कर्म और मर्म” का गहरा संबंध है। उनके नेतृत्व में राज्य में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं लागू की जा चुकी हैं, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है।
कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव
चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे जैसी कई बड़ी योजनाओं को स्वीकृति मिली है। इसके चलते सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार हुआ है, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में।
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे की खासियत
करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को आपस में जोड़ेगा। लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में एशिया का 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, एलिफेंट अंडरपास और आधुनिक इंटरचेंज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।
टिहरी में आधुनिक ऊर्जा परियोजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे। टीएचडीसी द्वारा विकसित यह परियोजना टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्पलेक्स का हिस्सा है और अतिरिक्त बिजली उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अहम साबित होगी।
स्वागत को तैयार देवभूमि
प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वहीं, देवभूमि के लोगों में अपने लोकप्रिय नेता के स्वागत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह दौरा राज्य के विकास को नई गति देने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त करेगा।



