
पश्चिम एशिया में जारी वैश्विक घटनाक्रमों के बावजूद उत्तराखंड में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अपर आयुक्त पी.एस. पांगती ने यह जानकारी दी।
एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति
अपर आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है। 1 मार्च 2026 से अब तक लगभग 18 लाख एलपीजी सिलेंडर घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
पेट्रोल और डीजल की भी आपूर्ति निर्बाध है और अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों को गैस की आवश्यक मात्रा समय पर मिल रही है।
व्यावसायिक एलपीजी के लिए विशेष प्रबंध
चारधाम यात्रा, पर्यटन और विवाह सीजन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडरों के वितरण के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत होटल, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबा, गेस्ट हाउस, होम-स्टे, पेइंग गेस्ट सुविधाओं और उद्योगों को प्रतिदिन 6,310 सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र से अप्रैल से नवंबर तक व्यावसायिक एलपीजी का 100 प्रतिशत आवंटन और 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा देने का अनुरोध किया है।
छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता
प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर (FTL) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इन सिलेंडरों को पहचान पत्र के आधार पर किसी भी गैस एजेंसी से प्राप्त किया जा सकता है। अब तक लगभग 6,700 छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
अपर आयुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय और प्राथमिक परिवारों को अप्रैल, मई और जून के लिए राशन अग्रिम रूप से वितरित किया जा रहा है। राज्य में लगभग 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को यह लाभ मिल रहा है।
पैनिक बुकिंग और आपूर्ति की सामान्य स्थिति
15 मार्च को राज्य में सबसे अधिक 90 हजार गैस बुकिंग दर्ज हुई थी, जबकि 6 अप्रैल को यह संख्या घटकर 45 हजार हो गई। वर्तमान में स्थिति सामान्य है।
पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क का विस्तार
प्रदेश में पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है। देहरादून, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल सहित विभिन्न जिलों में सिटी गैस वितरण कंपनियां सक्रिय हैं। वर्तमान में लगभग 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी
अपर आयुक्त ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए व्यापक निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 6,205 निरीक्षण और 373 छापे किए गए, जिनमें 19 एफआईआर दर्ज हुईं, 7 गिरफ्तारियां की गईं और 16 नोटिस जारी किए गए।



