
रूद्रपुर। जिला उद्योग केंद्र में रैम्प योजना के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 65 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
एमएसएमई क्षेत्र और स्वरोजगार पर विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने प्रतिभागियों को एमएसएमई क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। प्रतिभागियों को अपने कौशल का सही मूल्यांकन करने और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
युवाओं को प्रेरित करने के प्रयास
कार्यशाला के दौरान युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन देने पर जोर दिया गया। इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों में उद्यमिता के प्रति नई सोच और आत्मविश्वास विकसित हुआ।
प्रतिभागियों का अनुभव और प्रोत्साहन
कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपने कौशल और क्षमताओं की पहचान करने और उन्हें उन्नति की दिशा में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अनुभव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और व्यवसायिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रमुख अधिकारी और ऑनलाइन सहभागिता
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक उद्योग डॉ. दीपक मुरारी, डिप्टी जनरल मैनेजर एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भारत सरकार गोपाल देवीदास बेलुरकर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र विपिन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, रोहित श्रीवास्तव ने उद्योग निदेशालय से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।



